1. पर्यायवाची शब्द (Synonyms)
परिभाषा: जो शब्द एक-दूसरे के समान या एक जैसा अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं।
- विशेष नियम: भले ही इन शब्दों का अर्थ समान होता है, परंतु प्रत्येक शब्द का उपयोग स्थान और संदर्भ के अनुसार बदल जाता है। जैसे: पूजा के लिए ‘जल’ का प्रयोग होता है, ‘पानी’ का नहीं।
यहाँ परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्दों का वर्गीकरण दिया गया है:
क) महत्वपूर्ण वैदिक और साहित्यिक पर्यायवाची शब्द
ये शब्द प्राचीन ग्रंथों, वेदों और शुद्ध साहित्यिक हिंदी में उपयोग किए जाते हैं:
- अग्नि: पावक, अनल, हुताशन्, कृशानु, वैश्वानर, जातवेदस।
- इंद्र: पुरंदर, शक्र, मघवा, सुरपति, देवराज, सहस्राक्ष।
- गंगा: भागीरथी, मंदाकिनी, सुरसरि, देवपगा, त्रिपथगा, विष्णुपदी।
- सूर्य: मार्तंड, सविता, भानु, भास्कर, दिनकर, मारीची, आदित्य।
- चंद्रमा: सुधांशु, शशांक, राकापति, निशाकर, मयंक, द्विजराज।
- ब्रह्मा: चतुरानन, विधाता, अज, कर्तार, नाभिजन्मा, सदानंद।
- विष्णु: दामोदर, जनार्दन, चक्रपाणि, गरुड़ध्वज, रमेश, मुकुंद।
- शिव: चंद्रशेखर, त्रिलोचन, मदनारि, व्योमकेश, आशुतोष, शंभु।
ख) महत्वपूर्ण व्यावहारिक पर्यायवाची शब्द
ये वे शब्द हैं जो हमारे दैनिक जीवन, प्रकृति और व्यावहारिक बोलचाल में सबसे अधिक उपयोग होते हैं:
- अमृत: सुधा, पीयूष, सोम, अमिय, जीवनोदक।
- आँख: नयन, लोचन, चक्षु, दृग, विलोचन, अक्षि।
- आकाश: नभ, गगन, अम्बर, व्योम, शून्य, अंतरिक्ष।
- कमल: जलज, पंकज, नीरज, राजीव, अरविंद, शतदल, अंबुज।
- जल: नीर, तोय, अंबु, वारि, सलिल, उदक, जीवन।
- पृथ्वी: भू, भूमि, धरा, वसुंधरा, अचला, मही, इला।
- हवा: पवन, वायु, समीर, अनिल, मारुत, वात।
- रात: रात्रि, निशा, यामिनी, विभावरी, रजनी, त्रियामा।
ग) महत्वपूर्ण प्रशासनिक पर्यायवाची शब्द
ये शब्द शासकीय कार्यों, कार्यालयों और प्रशासनिक परीक्षाओं के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण हैं:
- अनुमति: स्वीकृति, सहमति, आज्ञा, अनुमोदन, मंज़ूरी।
- अनिवार्य: अपरिहार्य, आवश्यक, बाध्यकारी, लाजमी।
- अधिनियम: कानून, विधि, संविधि, विधान।
- वेतन: मानदेय, पारिश्रमिक, भत्ता, मजूरी।
- नियुक्ति: पदस्थापना, नियोजन, तैनाती, भर्ती।
- संशोधन: परिमार्जन, सुधार, शुद्धिकरण, रूपांतरण।
- जांच: अन्वेषण, अनुसंधान, परीक्षण, समीक्षा, तफ्तीश।
- अधिकार: स्वत्व, स्वामित्व, दावा, हक, प्रभूता।
2. विपरीतार्थक या विलोम शब्द (Antonyms)
परिभाषा: जो शब्द एक-दूसरे का ठीक उल्टा या विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष नियम:
विलोम शब्द का एक निश्चित व्याकरणिक नियम होता है, जिसका ध्यान रखना आवश्यक है:
- नियम 1: संज्ञा शब्द का विलोम हमेशा संज्ञा ही होगा। जैसे: ‘राजा’ का ‘रंक’, न कि ‘गरीब’।
- नियम 2: तत्सम शब्द का विलोम हमेशा तत्सम ही होगा। जैसे: ‘रात्रि’ का ‘दिवस’।
- नियम 3: तद्भव शब्द का विलोम हमेशा तद्भव ही होगा। जैसे: ‘रात’ का ‘दिन’।
यहाँ परीक्षा उपयोगी सबसे महत्वपूर्ण विपरीतार्थक शब्द युग्म दिए जा रहे हैं:
महत्वपूर्ण विलोम शब्द युग्म (परीक्षा के पसंदीदा)
- अथ (शुरुआत) — इति (समाप्ति)
- अन्तरंग — बहिरंग
- अवनति — उन्नति
- अपेक्षा — उपेक्षा
- अर्वाचीन (आधुनिक) — प्राचीन (पुराना)
- आकर्षण — विकर्षण
- आविर्भाव — तिरोभाव
- आलोक (प्रकाश) — तिमीर (अंधकार)
- उत्कर्ष — अपकर्ष
- उग्र — सौम्य
- ऋजु (सीधा) — वक्र (टेढ़ा)
- कृतज्ञ (उपकार मानने वाला) — कृतघ्न (उपकार न मानने वाला)
- कृश (कमजोर/दुबला) — पुष्ट या स्थूल (भारी/मोटा)
- गोचर — अगोचर
- जंगम (चलने वाला) — स्थावर (एक जगह स्थिर)
- तम (अँधेरा) — ज्योति (प्रकाश)
- निंदा — स्तुति (तारीफ)
- निरामिष (मांस न खाने वाला) — सामिश या आमिष (मांस खाने वाला)
- परमार्थ — स्वार्थ
- प्रवृत्ति — निवृत्ति
- बन्धन — मुक्ति या मोक्ष
- मुख्य — गौण
- व्यष्टि (इकाई) — समष्टि (समूह)
- शोषक — पोषक
- सत्कार — दुत्कार या तिरस्कार
- ह्रास (कमी) — विकास या वृद्धि
Quick Revision Table
| शब्द | श्रेणी / प्रकार | याद रखने योग्य मंत्र | सटीक उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अनल | वैदिक पर्यायवाची | ‘अनल’ का अर्थ आग है, इसे ‘अनिल’ (हवा) न समझें। | पावक, हुताशन् |
| अपरिहार्य | प्रशासनिक पर्यायवाची | जिसके बिना काम न चल सके, अनिवार्य। | अनिवार्य, बाध्यकारी |
| अर्वाचीन | विलोम शब्द | इसका अर्थ नया होता है, इसलिए इसका विलोम प्राचीन है। | अर्वाचीन — प्राचीन |
| ऋजु | विलोम शब्द | ऋजु का अर्थ सीधा और वक्र का अर्थ टेढ़ा होता है। | ऋजु — वक्र |
| स्थावर | विलोम शब्द | जो एक स्थान पर टिका रहे। इसका विलोम जंगम है। | स्थावर — जंगम |
