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शब्द निर्माण (उपसर्ग और प्रत्यय)

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1. उपसर्ग किसे कहते हैं?

जो शब्दांश (शब्द के छोटे टुकड़े) किसी मूल शब्द के पहले (आगे) जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।

  • मुख्य नियम: उपसर्गों का अपना कोई स्वतंत्र अस्तित्व या अलग से कोई अर्थ नहीं होता। ये हमेशा किसी मूल शब्द के आगे लगकर ही काम करते हैं।
  • उदाहरण: अनु (उपसर्ग) + शासन (मूल शब्द) ➡️ अनुशासन (नया शब्द)

उपसर्ग के मुख्य 3 भेद

हिंदी भाषा में मुख्य रूप से तीन प्रकार के उपसर्गों का प्रयोग किया जाता है:

1. संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम उपसर्ग)

ये वे उपसर्ग हैं जो संस्कृत भाषा से बिना किसी बदलाव के हिंदी में उपयोग किए जाते हैं। इनकी कुल संख्या 22 मानी गई है।

  • अति (अधिक) ➡️ अत्याचार (अति + आचार), अत्यंत (अति + अंत)
  • दुर् / दुस् (बुरा/कठिन) ➡️ दुर्लभ, दुस्साहस, दुराचार
  • निस् / निर् (बिना/बाहर) ➡️ निर्मल, निश्चल, निर्भय
  • वि (विशेष/अभाव) ➡️ विज्ञान, विदेश, विनाश

2. हिंदी के उपसर्ग (तद्भव उपसर्ग)

ये उपसर्ग मूलतः संस्कृत के ही होते हैं, लेकिन हिंदी भाषा के स्वभाव के अनुसार थोड़े बदल गए हैं।

  • / अन (निषेध/अभाव) ➡️ अछूत, अमोल, अनपढ़, अनजान
  • अध (आधा) ➡️ अधपका, अधमरा, अधखिला
  • कु / सु (बुरा/अच्छा) ➡️ कुपुत्र, कुसंगति, सुपुत्र, सुलेख
  • बिन (बिना) ➡️ बिनबातल, बिनदेखा, बिनब्याहा

3. विदेशी उपसर्ग (उर्दू, फ़ारसी और अंग्रेजी उपसर्ग)

विदेशी भाषाओं के संपर्क में आने के कारण जो उपसर्ग हिंदी में घुल-मिल गए हैं, उन्हें विदेशी उपसर्ग कहते हैं।

  • उर्दू/फ़ारसी उपसर्ग:
    • कम (थोड़ा) ➡️ कमजोर, कमअक्ल, कमउम्र
    • खुश (अच्छा) ➡️ खुशबू, खुशखबरी, खुशनसीब
    • बे (बिना) ➡️ बेगुनाह, बेईमान, बेघर, बेवजह
    • गैर (भिन्न/रहित) ➡️ गैरकानूनी, गैरसरकारी
  • अंग्रेजी उपसर्ग:
    • सब (अधीन) ➡️ सब-इंस्पेक्टर, सब-कमेटी
    • डिप्टी (सहायक) ➡️ डिप्टी-कलेक्टर, डिप्टी-डायरेक्टर
    • चीफ (मुख्य) ➡️ चीफ-मिनिस्टर, चीफ-इंजीनियर

2. प्रत्यय किसे कहते हैं?

जो शब्दांश किसी मूल शब्द के अंत में (पीछे) जुड़कर उसके अर्थ में बदलाव, विशेषता या नवीनता ला देते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।

  • मुख्य नियम: उपसर्ग की तरह प्रत्यय का भी अपना कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं होता और न ही इनका अकेले प्रयोग किया जा सकता है।
  • उदाहरण: सफल (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय) ➡️ सफलता (नया शब्द)

प्रत्यय के मुख्य 2 भेद

प्रयोग और शब्द की प्रकृति के आधार पर प्रत्यय के मुख्य रूप से 2 भेद होते हैं:

                      ┌─────────────── प्रत्यय के 2 भेद ───────────────┐
                      │                                               │
         ┌────────────┴────────────┐                     ┌────────────┴────────────┐
         │ 1. कृत् प्रत्यय          │                     │ 2. तद्धित प्रत्यय        │
         └─────────────────────────┘                     └─────────────────────────┘

1. कृत् प्रत्यय (क्रिया के साथ जुड़ने वाले)

  • परिभाषा: जो प्रत्यय क्रिया (Verb) या धातु के अंत में जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, उन्हें कृत् प्रत्यय कहते हैं। इनसे बने शब्दों को ‘कृदंत’ कहा जाता है।
  • शॉर्टकट ट्रिक: मूल शब्द के पीछे ‘ना’ लगाकर देखें, अगर वह कोई काम (क्रिया) बनता है, तो वह कृत् प्रत्यय है।
  • उदाहरण:
    • पढ़ (क्रिया) + आई ➡️ पढ़ाई
    • लिख (क्रिया) + आवट ➡️ लिखावट
    • लड़ (क्रिया) + आकू ➡️ लड़ाकू
    • हँस (क्रिया) + ➡️ हँसी

2. तद्धित प्रत्यय (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण के साथ जुड़ने वाले)

  • परिभाषा: जो प्रत्यय क्रिया को छोड़कर अन्य शब्दों जैसे—संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के अंत में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं। इनसे बने शब्दों को ‘तद्धितांत’ कहा जाता है।
  • उदाहरण:
    • मानव (संज्ञा) + ता ➡️ मानवता
    • अपना (सर्वनाम) + पन ➡️ अपनापन
    • मीठा (विशेषण) + आस ➡️ मिठास
    • लड़का (संज्ञा) + पन ➡️ लड़कपन

इस अध्याय में अक्सर छात्र परीक्षा में दो बड़ी गलतियाँ करते हैं, उन्हें अच्छे से समझ लें:

भ्रम 1: मूल शब्द को न पहचान पाना

  • समस्या: छात्र पूरे शब्द को गलत जगह से तोड़ देते हैं।
  • समाधान: जब भी उपसर्ग या प्रत्यय अलग करना हो, तो सबसे पहले उस शब्द में से एक ऐसा सार्थक शब्द (जिसका कोई मतलब हो) बाहर निकालें जो पूरी तरह स्वतंत्र हो। जो बचेगा, वही आपका उपसर्ग या प्रत्यय होगा।
  • जैसे: अमानवीय ➡️ मूल शब्द मानव है, उपसर्ग है और ीय प्रत्यय है। (यहाँ एक ही शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों हैं)।

भ्रम 2: संधि वाले शब्दों में उपसर्ग खोजना

  • समस्या: अत्याचार शब्द में छात्र उपसर्ग ‘अ’ या ‘अत्य’ लिख आते हैं, जो कि गलत है।
  • समाधान: कई बार उपसर्ग जुड़ते समय संधि का नियम लागू हो जाता है। इसलिए शब्द का संधि विच्छेद करके देखें। अत्याचार का विच्छेद अति + आचार होता है, इसलिए यहाँ वास्तविक उपसर्ग ‘अति’ है।

Quick Revision Table

व्याकरण अंगजुड़ने का स्थानमुख्य कार्यसटीक उदाहरण
उपसर्गशब्द के आगे (पूर्व में)अर्थ बदलना या नई विशेषता लानाबे + कसूर = बेकसूर
कृत् प्रत्ययक्रिया/धातु के पीछेक्रिया से नए संज्ञा/विशेषण बनानासज + आवट = सजावट
तद्धित प्रत्ययसंज्ञा, सर्वनाम, विशेषण के पीछेसंज्ञा/विशेषण से नए शब्द बनानासुंदर + ता = सुंदरता

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