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Data Representation & Number System

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Data Representation & Number System : Binary, Octal, Hexadecimal

हम इंसान अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में गिनती करने के लिए 0 से 9 तक के नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, जिसे डेसिमल सिस्टम कहते हैं। लेकिन कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल मशीन है, वह हमारी तरह 2, 5, या 7 को नहीं पहचानता। कंप्यूटर सिर्फ दो ही स्थितियाँ समझता है— करंट का होना (ON / 1) और करंट का न होना (OFF / 0)

कंप्यूटर के अंदर डेटा कैसे स्टोर होता है और नंबर सिस्टम आपस में कैसे बदलते हैं, आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में और कड़क ट्रिक्स के साथ समझते हैं।


1. नंबर सिस्टम के चार मुख्य प्रकार (The Four Pillars)

कंप्यूटर आर्किटेक्चर में मुख्य रूप से चार प्रकार के नंबर सिस्टम का उपयोग होता है। परीक्षा में इनका Base (आधार) और इनके Digits (अंक) सीधे पूछे जाते हैं:

नंबर सिस्टमBase (आधार)उपयोग होने वाले अंक / सिम्बल्सयाद रखने का देसी तरीका
1. Binary (बाइनरी)20, 1कंप्यूटर की खुद की असली मातृभाषा
2. Octal (ऑक्टल)80, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7इसमें कभी भी ‘8’ और ‘9’ अंक नहीं आएंगे
3. Decimal (डेसिमल)100, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9हम इंसानों के रोजमर्रा की गणितीय भाषा
4. Hexadecimal (हेक्सा)160-9 तक नंबर और A, B, C, D, E, F अक्षरअक्षरों और नंबरों का खूंखार कॉम्बिनेशन

⚠️ एग्जाम स्पेशल अलर्ट (Hexadecimal का महा-रट्टा बॉक्स)
हेक्साडेसिमल में 9 के बाद अंकों को अक्षरों (Alphabets) में लिखा जाता है, जहाँ से हर बार परीक्षा में सवाल बनता है:

  • 10 = A
  • 11 = B
  • 12 = C
  • 13 = D
  • 14 = E
  • 15 = F
  • उदाहरण: अगर परीक्षा में लिखा है (2A)16 तो इसका बेस 16 है, यानी यह हेक्साडेसिमल नंबर है।

2. द जादुई सीरीज ट्रिक : 8 4 2 1 (The Golden Shortcut)

नंबर सिस्टम के कन्वर्जन को आसान बनाने के लिए किताबों के लंबे भाग (Division) और गुणा (Multiplication) के तरीकों को भूल जाइए। हम एक जादुई सीरीज का इस्तेमाल करेंगे जो हमेशा पीछे से (Right to Left) दोगुनी होती जाती है:

📊 जादुई सीरीज बॉक्स (दिमाग में छाप लो)
... 128 ➔ 64 ➔ 32 ➔ 16 ➔ 8 ➔ 4 ➔ 2 ➔ 1

  • नियम: जिस नंबर की जरूरत है, उसके नीचे 1 लिखो ; जिसकी जरूरत नहीं है, उसके नीचे 0 लिखो!

3. डेसिमल से बाइनरी में बदलना (Decimal to Binary Conversion)

सवाल: डेसिमल नंबर (25)10 को बाइनरी (?)2 में बदलें।

  • किताबी तरीका: 25 में 2 का भाग देते जाओ और शेषफल (Remainder) को उल्टा लिखो। (इसमें बहुत समय बर्बाद होता है!)
  • देसी शॉर्ट-कट ट्रिक:
    1. हमारी जादुई सीरीज को पीछे से तब तक लिखो जब तक कि हम 25 के पास न पहुँच जाएं: 16, 8, 4, 2, 1 (हम 32 नहीं लिखेंगे क्योंकि वह 25 से बड़ा है)।
    2. अब सोचो कि इनमें से किन-किन नंबरों को आपस में जोड़ने पर 25 बनेगा?
      • 16 + 8 + 1 = 25
    3. बस! जिन नंबरों को जोड़ा (16, 8, और 1), उनके नीचे 1 लिख दो। और जो बच गए (4 और 2), उनके नीचे 0 लिख दो।
सीरीज168421
बाइनरी कोड11001
  • फाइनल उत्तर: (25)10 = (11001)2 ➔ मात्र 3 सेकंड में बिना भाग दिए जवाब हाजिर!

4. बाइनरी से डेसिमल में बदलना (Binary to Decimal Conversion)

सवाल: बाइनरी नंबर (10110)2 को डेसिमल (?)10 में बदलें।

  • देसी शॉर्ट-कट ट्रिक:
    1. दिए गए बाइनरी नंबर के ठीक ऊपर पीछे से हमारी जादुई सीरीज 1, 2, 4, 8, 16 लिख दो।
    2. जिस-जिस नंबर के नीचे 1 लिखा है, उन नंबरों को आपस में जोड़ लो। जिसके नीचे 0 है, उसे छोड़ दो।
जादुई सीरीज ➔   16    8    4    2    1
                 │    │    │    │    │
बाइनरी नंबर ➔    1    0    1    1    0
                 ▼    ▼    ▼    ▼    ▼
कैलकुलेशन   ➔   16 + 0  + 4  + 2 + 0  =  22
  • फाइनल उत्तर: (10110)2 = (22)10

5. बाइनरी से ऑक्टल में बदलना (Binary to Octal Conversion)

यहाँ से एडवांस कंप्यूटर के सवाल शुरू होते हैं जो एग्जाम्स में अक्सर पूछे जाते हैं।

💡 रूल ऑफ थम्ब बॉक्स (3 का सिक्का नियम)
ऑक्टल का बेस 8 होता है, जो कि 23 के बराबर है। इसलिए बाइनरी से ऑक्टल बदलते समय हमेशा 3-3 अंकों के जोड़े (Groups of 3) बनाए जाते हैं। जोड़े हमेशा पीछे से (Right to Left) बनाने हैं।

सवाल: बाइनरी नंबर (101110)2 को ऑक्टल (?)8 में बदलें।

  • देसी शॉर्ट-कट ट्रिक:
    1. दिए गए नंबर के पीछे से 3-3 के दो जोड़े बनाओ: 101 और 110
    2. दोनों जोड़ों के ऊपर हमारी छोटी जादुई सीरीज 4, 2, 1 लिख दो और उनका डेसिमल निकाल लो।
जोड़ा 1 (पीछे वाला) ➔  1 1 0  (ऊपर 4,2,1 रखो ➔ 4+2) = 6
जोड़ा 2 (आगे वाला) ➔  1 0 1  (ऊपर 4,2,1 रखो ➔ 4+1) = 5
  • फाइनल उत्तर: इन दोनों को साथ में लिख दो ➔ (101110)2 = (56)8

6. बाइनरी से हेक्साडेसिमल में बदलना (Binary to Hexadecimal)

💎 सुपर हैक बॉक्स (4 का सिक्का नियम)
हेक्साडेसिमल का बेस 16 होता है, जो कि 24 के बराबर है। इसलिए बाइनरी से हेक्साडेसिमल बदलते समय हमेशा 4-4 अंकों के जोड़े (Groups of 4) बनाए जाते हैं। जोड़े हमेशा पीछे से ही बनेंगे।

सवाल: बाइनरी नंबर (11011100)2 को हेक्साडेसिमल (?)16 में बदलें।

  • … देसी शॉर्ट-कट ट्रिक:
    1. पीछे से 4-4 के दो जोड़े बनाओ: 1101 और 1100
    2. दोनों जोड़ों के ऊपर 4 अंकों वाली जादुई सीरीज 8, 4, 2, 1 लिख दो।
जोड़ा 1 (पीछे वाला) ➔  1 1 0 0  (8+4) = 12 ➔ (हेक्सा में 12 को 'C' लिखते हैं)
जोड़ा 2 (आगे वाला) ➔  1 1 0 1  (8+4+1) = 13 ➔ (हेक्सा में 13 को 'D' लिखते हैं)
  • … फाइनल उत्तर: इन दोनों अक्षरों को साथ में लिख दो ➔ (11011100)2 = (DC)16

7. डेटा रिप्रेजेंटेशन कोड्स (Data Representation Codes)

कंप्यूटर के अंदर अक्षरों और स्पेशल चिन्हों (जैसे A, B, @, #) को स्टोर करने के लिए कुछ विशेष यूनिवर्सल कोडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। परीक्षाओं में इनके फुल फॉर्म और बिट्स की संख्या सीधे पूछी जाती है:

  • 1. ASCII (आस्की कोड – मोस्ट इम्पॉर्टेंट):
    • Full Form: American Standard Code for Information Interchange (अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज)।
    • यह मुख्य रूप से 7-बिट का कोड होता है (जिसमें (27 = 128) करैक्टर स्टोर हो सकते हैं)। इसका एक और वर्जन 8-बिट का भी होता है (जिसमें (28 = 256) करैक्टर स्टोर होते हैं)।
    • परीक्षा का फेवरेट फैक्ट : इसमें अंग्रेजी के बड़े अक्षर ‘A’ का कोड 65 होता है और छोटे अक्षर ‘a’ का कोड 97 से शुरू होता है।
  • 2. EBCDIC (एब्सिडिक कोड):
    • Full Form: Extended Binary Coded Decimal Interchange Code.
    • यह मुख्य रूप से 8-बिट का कोड होता है। इसका उपयोग बड़े Mainframe Computers में डेटा रिप्रेजेंट करने के लिए किया जाता था।
  • 3. BCD (बाइनरी कोडेड डेसिमल):
    • Full Form: Binary Coded Decimal. यह शुरुआती 4-बिट का कोडिंग सिस्टम था।
  • 4. Unicode (यूनिकोड – आज की लेटेस्ट तकनीक):
    • आज पूरी दुनिया के इंटरनेट, मोबाइल और कंप्यूटर में इसी का उपयोग होता है। पुराने कोड्स में सिर्फ अंग्रेजी अक्षरों के लिए जगह थी। लेकिन यूनिकोड एक 16-बिट से 32-बिट का यूनिवर्सल कोड है, जिसके अंदर दुनिया की सभी भाषाएँ (जैसे— हिंदी, चाइनीज, जापानी) और यहाँ तक कि हमारे मोबाइल के सारे Emoji (😀, 🚀, 🔥) भी स्टोर किए जा सकते हैं।

क्विक समरी बॉक्स (परीक्षा से 5 मिनट पहले रटने वाला मटीरियल)

  • डेसिमल से बाइनरी ➔ जादुई सीरीज ...16, 8, 4, 2, 1 का उपयोग करो।
  • बाइनरी से ऑक्टल ➔ पीछे से 3-3 के जोड़े बनाओ और ऊपर 4 2 1 रखो।
  • बाइनरी से हेक्साडेसिमल ➔ पीछे से 4-4 के जोड़े बनाओ और ऊपर 8 4 2 1 रखो।
  • अक्षरों में: 10 = A, 11 = B, 12 = C, 13 = D, 14 = E, 15 = F
  • इंटरनेट और इमोजी के लिए यूज़ होने वाला सबसे लेटेस्ट कोड ➔ Unicode (यूनिकोड)

डेटा रिप्रेजेंटेशन और नंबर सिस्टम (भाग-2) : एडवांस कन्वर्जन और 2’s Complement


1. डेसिमल से ऑक्टल और हेक्साडेसिमल में बदलना (Decimal to Octal & Hexa)

जब डेसिमल नंबर बड़ा हो और उसे ऑक्टल (Base 8) या हेक्साडेसिमल (Base 16) में बदलना हो, तो हमारी देसी भाग विधि (Division Method) सबसे बेस्ट काम करती है।

📌 रूल ऑफ थम्ब बॉक्स (बेस का भाग नियम)

  • डेसिमल से Octal में बदलना हो ➔ नंबर में लगातार 8 का भाग दो और शेषफल (Remainder) को नीचे से ऊपर की तरफ लिखो।
  • डेसिमल से Hexadecimal में बदलना हो ➔ नंबर में लगातार 16 का भाग दो और शेषफल को नीचे से ऊपर लिखो।

A. डेसिमल से ऑक्टल (Decimal to Octal)

सवाल: डेसिमल नंबर (150)10 को ऑक्टल (?)8 में बदलें।

  • शॉर्ट-कट ट्रिक: 150 में 8 का भाग देना शुरू करो :
    1. 150 में 8 का भाग दिया ➔ 18 बार पूरा गया, शेषफल (Remainder) बचा 6
    2. अब 18 में फिर 8 का भाग दिया ➔ 2 बार गया, शेषफल बचा 2
    3. अब 2 में 8 का भाग नहीं जा सकता, इसलिए भाग यहीं रोक दो।
  • लिखने का तरीका: अब बचे हुए नंबरों को नीचे से ऊपर की तरफ (यानी उल्टा) लिख दो: 2, 2, 6
  • फाइनल उत्तर: (150)10 = (226)8 ➔ मात्र 5 सेकंड में जवाब तैयार!

B. डेसिमल से हेक्साडेसिमल (Decimal to Hexadecimal)

सवाल: डेसिमल नंबर (425)10 को हेक्साडेसिमल (?)16 में बदलें।

  • शॉर्ट-कट ट्रिक: 425 में 16 का भाग देना शुरू करो:
    1. 425 में 16 का भाग दिया ➔ 26 बार पूरा गया, शेषफल (Remainder) बचा 9
    2. अब 26 में फिर 16 का भाग दिया ➔ 1 बार गया, शेषफल बचा 10
    3. अब 1 में 16 का भाग नहीं जा सकता, इसलिए रुक जाओ।

💡 स्मार्ट एग्जाम अलर्ट बॉक्स (Hexa अक्षर को मत भूलना)
हेक्साडेसिमल में 10 को सीधे 10 नहीं लिखते, उसकी जगह ‘A’ लिखा जाता है।

  • लिखने का तरीका: नीचे से ऊपर की तरफ उल्टे क्रम में लिखो ➔ 1, 10 (A), 9
  • फाइनल उत्तर: (425)10 = (1A9)16

2. ऋणात्मक नंबर (Negative Numbers) और 2’s Complement का जादू

यह इस टॉपिक का सबसे खूंखार और एडवांस सेक्शन है। कंप्यूटर में प्लस (+) वाले नंबर तो आसानी से स्टोर हो जाते हैं, लेकिन माइनस (-) वाले नंबरों को स्टोर करने के लिए 2’s Complement (2 का पूरक) तकनीक का उपयोग किया जाता है।

परीक्षा में किसी भी नंबर का 1’s और 2’s Complement निकालना सीधे पूछा जाता है। आइए इसकी दुनिया की सबसे आसान ट्रिक देखते हैं:

A. 1’s Complement (1 का पूरक) निकालना

  • नियम: बाइनरी नंबर के सारे 0 को 1 बना दो और सारे 1 को 0 बना दो। बस! (इसे इनवर्ट करना कहते हैं)।
  • उदाहरण: (10110)2 का 1’s Complement क्या होगा?
    • उत्तर: 01001

B. 2’s Complement (2 का पूरक) निकालना

  • किताबी तरीका: पहले 1’s Complement निकालो, फिर उसमें पीछे +1 जोड़ो। (इसमें बाइनरी एडिशन की वजह से बहुत से बच्चे गलती कर बैठते हैं)।
  • देसी “बिना पेन उठाए” जादुई ट्रिक (Super Shortcut):
    1. दिए गए बाइनरी नंबर को पीछे से (Right to Left) देखना शुरू करो।
    2. जब तक पहला 1 न आ जाए, तब तक नंबर को वैसा का वैसा ही (हूबहू) लिख दो।
    3. जैसे ही पहला 1 आ जाए, उस पहले 1 को भी वैसा ही लिख दो।
    4. लेकिन उस पहले 1 के आगे (Left Side) जितने भी नंबर हैं, उन सबको उलट दो (0 को 1 और 1 को 0 बना दो)।

आइए लाइव करके देखते हैं:
सवाल: बाइनरी नंबर 101100 का 2’s Complement निकालें।

नंबर को पीछे से देखो ➔   1   0   1   1   0   0
                                    ▲   ▲   ▲
                                    │   └───┴── पहले '1' तक सेम रखो (00 और 1 सेम)
                                    │
आगे के सब नंबर उलट दो ➔ 0   1   0 ──┘
  • फाइनल उत्तर: 010100 ➔ बिना किसी जोड़ (Addition) की गलती के 2 सेकंड में सही जवाब!

3. साइन मैग्नीट्यूड मेथड (Sign-Magnitude Method)

परीक्षा में सवाल आता है कि कंप्यूटर को कैसे पता चलता है कि नंबर पॉजिटिव है या नेगेटिव?

  • MSB – Most Significant Bit : किसी भी बाइनरी नंबर के सबसे आगे (बाएँ छोर) वाले बिट को MSB कहते हैं। यह बिट नंबर का साइन (Sign / चिन्ह) तय करता है:

📊 साइन बिट हैक बॉक्स (डायरेक्ट परीक्षा फैक्ट)

  • अगर सबसे आगे वाला बिट 0 है ➔ इसका मतलब नंबर Positive (+) है।
  • अगर सबसे आगे वाला बिट 1 है ➔ इसका मतलब नंबर Negative (-) है।
  • उदाहरण: अगर 8-बिट रजिस्टर में लिखा है 00000101, तो आगे 0 होने के कारण यह +5 है। लेकिन अगर लिखा है 10000101, तो आगे 1 होने के कारण यह -5 है।

4. कंप्यूटर कोड्स का एडवांस पोस्टमार्टम (ASCII vs EBCDIC vs Unicode)

पिछली बार हमने इनके बेसिक देखे थे, इस बार परीक्षाओं में पूछे जाने वाले इनके गहरे टेक्निकल अंतर को बॉक्सेस में समेटते हैं:

🔍 एडवांस कोडिंग कम्पेरिजन बॉक्स (रट लो, स्क्रीनशॉट ले लो)

1. ASCII-7 (आस्की-7):

  • कुल बिट्स = 7 बिट।
  • अधिकतम करैक्टर = (2^7 = 128) (इसमें 0 से 127 तक की कोडिंग होती है)।

2. ASCII-8 (आस्की-8):

  • कुल बिट्स = 8 बिट।
  • अधिकतम करैक्टर = (2^8 = 256)।

3. EBCDIC (एब्सिडिक):

  • कुल बिट्स = 8 बिट।
  • अधिकतम करैक्टर = 256। इसे IBM कंपनी ने अपने मेनफ्रेम कंप्यूटर के लिए बनाया था।

4. Unicode (यूनिकोड):

  • यह 8, 16 या 32 बिट का होता है (जैसे UTF-8, UTF-16)।
  • इसमें लाखों करैक्टर स्टोर हो सकते हैं, जिससे दुनिया की सारी भाषाएँ और इंटरनेट के इमोजी एक साथ बिना क्रैश हुए काम करते हैं।

क्विक हैक बॉक्स (एडवांस नंबर सिस्टम समरी)

  • डेसिमल से ऑक्टल/हेक्सा ➔ 8 या 16 का लगातार भाग दो।
  • 1’s Complement ➔ सब कुछ उलट दो (0 <–> 1)।
  • 2’s Complement ➔ पीछे से पहले 1 तक सब सेम, उसके बाद आगे के सारे अंक उलट दो।
  • सबसे आगे 0 = पॉजिटिव (+), सबसे आगे 1 = नेगेटिव (-)।

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