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MS Office : MS Word का बेसिक से एडवांस लेवल

MS Office (Microsoft Office) एक प्रसिद्ध एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सूट (Software Suite) है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने साल 1990 में लॉन्च किया था। यह कई छोटे-छोटे ऑफिस टूल्स का एक पैकेज है। इसमें सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण टूल है— MS Word


1. MS Word क्या है? (What is MS Word?)

  • मूल परिभाषा: यह एक वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर (Word Processing Software) है। इसका मुख्य उपयोग डॉक्यूमेंट्स, नोट्स, रेज़्यूमे (Bio-data), एप्लीकेशन और किताबें टाइप व डिजाइन करने के लिए किया जाता है।

📌 एग्जाम स्पेशल अलर्ट बॉक्स (फाइल एक्सटेंशन रट लो)
परीक्षा में MS Word की फाइल का एक्सटेंशन (पहचान) सबसे ज्यादा पूछा जाता है:

  • MS Word 2003 या उससे पुराना वर्जन: .doc
  • MS Word 2007 या उससे नया लेटेस्ट वर्जन: .docx (यहाँ ‘x’ का मतलब होता है Extended Markup Language – XML)
  • MS Word टेम्पलेट फाइल: .dotx
  • मैक्रो इनेबल्ड फाइल: .docm

2. MS Word को चालू कैसे करें और इसकी स्क्रीन के भाग

  • रन कमांड (Run Command): कीबोर्ड से Windows + R दबाने पर रन बॉक्स खुलता है। उसमें winword टाइप करके Enter दबाने पर MS Word सीधे खुल जाता है। (परीक्षा फैक्ट: रन बॉक्स में msword लिखने से यह चालू नहीं होता, केवल winword ही सही है)।
  • डिफ़ॉल्ट फाइल नाम: जब आप MS Word में नई फाइल खोलते हैं और उसे बिना कोई नाम दिए सेव करते हैं, तो कंप्यूटर उसे अपने आप Document1 नाम दे देता है।

स्क्रीन के मुख्य तकनीकी हिस्से (Screen Anatomy):

  • A. टाइटल बार (Title Bar): स्क्रीन पर सबसे ऊपर की पट्टी जहाँ फाइल का नाम दिखता है। इसी के दाईं तरफ तीन बटन होते हैं— Minimize, Maximize/Restore, और Close.
  • B. क्विक एक्सेस टूलबार (Quick Access Toolbar): टाइटल बार के बाईं तरफ एक छोटा सा टूलबार होता है, जहाँ सबसे ज्यादा यूज़ होने वाले कमांड्स (जैसे— Save, Undo, Redo) शॉर्टकट के रूप में रखे होते हैं।
  • C. रीबन (Ribbon): टाइटल बार के ठीक नीचे मेन्यू बार और सारे टूल्स (कमांड्स) का जो पूरा चौड़ा बॉक्स दिखता है, उसे ‘रीबन’ कहते हैं। रीबन मुख्य रूप से Tabs (जैसे Home, Insert) और Groups (जैसे Font, Paragraph) में बंटा होता है।
  • D. स्टेटस बार (Status Bar): स्क्रीन पर सबसे नीचे की पट्टी जहाँ यह दिखता है कि आपने कुल कितने पेज और कितने शब्द (Words) टाइप किए हैं। इसी के दाईं तरफ Zoom Slider होता है।

💡 स्मार्ट एग्जाम टिप (ज़ूम लिमिट का पोस्टमार्टम)
परीक्षा में MS Word की ज़ूम करने की लिमिट सीधे पूछी जाती है:

  • न्यूनतम (Minimum) ज़ूम: 10%
  • अधिकतम (Maximum) ज़ूम: 500% (याद रखें: Excel और PowerPoint में मैक्सिमम 400% होता है, लेकिन Word में 500% होता है)
  • डिफ़ॉल्ट (Default) ज़ूम: 100%

3. होम टैब का पोस्टमार्टम (Home Tab Grouping)

MS Word खुलते ही सबसे पहले Home Tab दिखाई देता है। इसमें एडिटिंग और फॉर्मेटिंग के सबसे बेसिक टूल्स होते हैं। इसके मुख्य ग्रुप इस प्रकार हैं:

A. क्लिपबोर्ड ग्रुप (Clipboard Group)

  • Cut (Ctrl + X) और Copy (Ctrl + C): जब आप किसी टेक्स्ट को कट या कॉपी करते हैं, तो वह डिलीट या पेस्ट होने से पहले कंप्यूटर की एक अस्थाई मेमोरी में जाकर स्टोर हो जाता है। उस मेमोरी को Clipboard कहते हैं। क्लिपबोर्ड में एक साथ अधिकतम 24 आइटम्स स्टोर रह सकते हैं।
  • Format Painter (Ctrl + Shift + C): यह बहुत ही जादुई टूल है। यह किसी टेक्स्ट को कॉपी नहीं करता, बल्कि उस टेक्स्ट पर की गई डिजाइन (Format जैसे— कलर, साइज, फॉन्ट स्टाइल) को कॉपी करके दूसरे टेक्स्ट पर हुबहू चिपका देता है।

B. फॉन्ट ग्रुप (Font Group — सबसे इम्पॉर्टेंट)

  • डिफ़ॉल्ट फॉन्ट: नए वर्जन (2007 के बाद) में अपने आप जो फॉन्ट स्टाइल सिलेक्ट होती है, वह Calibri होती है और उसका साइज 11 pt (Points) होता है। पुराने वर्जन (2003) में फॉन्ट Times New Roman और साइज 12 pt होता था।
  • फॉन्ट साइज लिमिट: रीबन पर ड्रॉपडाउन लिस्ट में न्यूनतम साइज 8 और अधिकतम 72 होता है। लेकिन मैन्युअली टाइप करके हम न्यूनतम 1 और अधिकतम 16384 तक साइज बढ़ा सकते हैं।
  • फॉन्ट स्टाइल (Font Style): ये मुख्य रूप से चार होती हैं— Regular (नॉर्मल), Bold (गहरा), Italic (तिरछा), और Bold Italic
  • फॉन्ट इफेक्ट्स (Font Effects): इसमें Strikethrough (बीच में लाइन खींचना), Subscript (अक्षर के नीचे छोटा अक्षर लिखना— जैसे केमिस्ट्री का सूत्र \(H_{2}O\), शॉर्टकट: Ctrl + =), और Superscript (अक्षर के ऊपर घात लगाना— जैसे मैथ का सूत्र \(A^2 + B^2\), शॉर्टकट: Ctrl + Shift + +) शामिल हैं।

🔍 डीप कॉन्सेप्ट बॉक्स (Change Case का जादू)
MS Word में टाइप किए गए टेक्स्ट के केस (बनावट) को बदलने के लिए 5 ऑप्शंस होते हैं (शॉर्टकट: Shift + F3):

  1. Sentence case: लाइन का पहला अक्षर बड़ा, बाकी सब छोटे.
  2. lowercase: सारे अक्षर छोटे.
  3. UPPERCASE: सारे अक्षर बड़े.
  4. Capitalize Each Word: हर शब्द का पहला अक्षर बड़ा (इसे Title Case भी कहते हैं).
  5. tOGGLE cASE: बड़े अक्षरों को छोटा और छोटे अक्षरों को बड़ा कर देता है (यह परीक्षा का फेवरेट है).

C. पैराग्राफ ग्रुप (Paragraph Group)

  • अलाइनमेंट (Alignment): टेक्स्ट पेज पर किस तरफ से लिखना शुरू होगा। ये 4 तरह के होते हैं:
    1. Left Alignment (Ctrl + L): डिफ़ॉल्ट अलाइनमेंट, टेक्स्ट बाईं तरफ से बराबर होता है।
    2. Right Alignment (Ctrl + R): टेक्स्ट दाईं तरफ से बराबर होता है (जैसे उर्दू या तारीख लिखने के लिए)।
    3. Center Alignment (Ctrl + E): टेक्स्ट बीच में आ जाता है (हेडिंग्स के लिए)।
    4. Justify Alignment (Ctrl + J): टेक्स्ट बाएं और दाएं दोनों तरफ से बिल्कुल सीधा और बराबर हो जाता है (अखबार या किताबों की तरह)।

4. इंसर्ट टैब का पोस्टमार्टम (Insert Tab Tools)

इस टैब का उपयोग डॉक्यूमेंट के बाहर से कोई भी चीज़ (जैसे फोटो, टेबल) अंदर लाने के लिए होता है।

  • Hyperlink (Ctrl + K): किसी शब्द पर किसी वेबसाइट का लिंक जोड़ना, जिस पर क्लिक करते ही वह वेबसाइट खुल जाए। हाइपरलिंक का रंग डिफ़ॉल्ट रूप से नीला (Blue) होता है।
  • Bookmark: डॉक्यूमेंट में किसी खास जगह पर सीधे पहुँचने के लिए मार्क लगाना (जैसे किताब के बीच में धागा रखना)।
  • Header and Footer: जो टेक्स्ट पेज के सबसे ऊपर हर पेज पर रिपीट करना हो, उसे Header कहते हैं (जैसे बुक का नाम)। जो पेज के सबसे नीचे हर पेज पर रिपीट करना हो, उसे Footer कहते हैं (जैसे पेज नंबर)।
  • Drop Cap: आपने अखबारों में देखा होगा कि पूरी कहानी का सबसे पहला अक्षर बहुत बड़ा (3-4 लाइनों जितना बड़ा) होता है। उसे Drop Cap कहते हैं। यह डिफ़ॉल्ट रूप से 3 लाइनों को घेरता है और अधिकतम इसे 10 लाइनों तक बड़ा किया जा सकता है।

5. पेज लेआउट टैब (Page Layout / Layout Tab)

  • ओरिएंटेशन (Orientation): पेज खड़ा दिखेगा या आड़ा। यह दो तरह का होता है— Portrait (लम्बाई ज़्यादा – डिफ़ॉल्ट) और Landscape (चौड़ाई ज़्यादा)।
  • गटर मार्जिन (Gutter Margin — मोस्ट एडवांस): परीक्षा का सबसे सुपरहिट सवाल! जब हम किसी किताब या नोट्स का प्रिंट निकालकर उसकी बाइंडिंग (Binding) करवाते हैं या स्पाइरल करवाते हैं, तो बाइंडिंग में कुछ हिस्सा दब जाता है। छपे हुए अक्षर बाइंडिंग में न दबें, इसके लिए बाइंडिंग वाली साइड (या तो Left साइड या Top साइड) में छोड़ी जाने वाली अतिरिक्त खाली जगह को Gutter Margin कहते हैं

6. ए-टू-जेड (A to Z) शॉर्टकट कीज़ का खजाना

महा-रट्टा बॉक्स (MS Word की यूनिवर्सल शॉर्टकट कीज़)

  • Ctrl + A ➔ Select All (पूरा डॉक्यूमेंट एक साथ सिलेक्ट करना)
  • Ctrl + B ➔ Bold (अक्षरों को गहरा करना)
  • Ctrl + C ➔ Copy (कॉपी करना)
  • Ctrl + D ➔ Font Dialog Box खोलना (फॉन्ट की सारी एडवांस सेटिंग्स)
  • Ctrl + F ➔ Find (डॉक्यूमेंट में कोई शब्द ढूँढना)
  • Ctrl + H ➔ Replace (ढूँढे गए शब्द की जगह नया शब्द बदलना)
  • Ctrl + I ➔ Italic (अक्षरों को तिरछा करना)
  • Ctrl + K ➔ Hyperlink (वेबसाइट का लिंक जोड़ना)
  • Ctrl + N ➔ New (बिल्कुल नया खाली डॉक्यूमेंट खोलना)
  • Ctrl + O ➔ Open (पहले से सेव फाइल को खोलना)
  • Ctrl + P ➔ Print (प्रिंट करने का मेन्यू खोलना)
  • Ctrl + S ➔ Save (फाइल सुरक्षित सहेजना)
  • Ctrl + U ➔ Underline (अक्षर के नीचे लाइन खींचना)
  • Ctrl + V ➔ Paste (कट या कॉपी की हुई चीज़ को चिपकाना)
  • Ctrl + W ➔ Close (वर्तमान चालू डॉक्यूमेंट को बंद करना)
  • Ctrl + Z ➔ Undo (एक स्टेप पीछे जाना / गलती सुधारना)
  • Ctrl + Y ➔ Redo (Undo किए गए काम को वापस लाना)
  • F7Spelling & Grammar Check (स्पेलिंग की गलती जांचना— एग्जाम का फेवरेट पॉइंट: स्पेलिंग की गलती होने पर अक्षर के नीचे लाल वेवी लाइन और ग्रामर की गलती होने पर हरी/नीली लाइन आती है)।
  • Shift + F7Thesaurus (समानार्थी शब्द या डिक्शनरी खोलना)।

MS Office (भाग-2) : MS Excel का बेसिक से एडवांस लेवल

MS Excel माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट का एक अत्यंत शक्तिशाली स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर (Spreadsheet Software) है। इसका मुख्य उपयोग डेटा को टेबल के रूप में व्यवस्थित करने, बड़ी-बड़ी गणितीय गणनाएं (Calculations) करने, अकाउंटिंग, और डेटा का चार्ट या ग्राफ़ बनाने के लिए किया जाता है।


1. एमएस एक्सेल के बुनियादी टेक्निकल फैक्ट्स

  • मूल नाम और परिभाषा: इसे ‘स्प्रेडशीट प्रोग्राम’ या ‘न्यूमेरिक डेटा प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर’ भी कहा जाता है।
  • रन कमांड (Run Command): कीबोर्ड से Windows + R दबाकर रन बॉक्स खोलें और उसमें सीधे excel टाइप करके Enter दबाने पर MS Excel चालू हो जाता है।

📌 एग्जाम स्पेशल अलर्ट बॉक्स (फाइल एक्सटेंशन और डिफ़ॉल्ट नाम)
परीक्षा में MS Excel की फाइल का एक्सटेंशन और डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स सीधे पूछी जाती हैं:

  • MS Excel 2003 या पुराना वर्जन: .xls
  • MS Excel 2007 या नया लेटेस्ट वर्जन: .xlsx (यहाँ ‘x’ का मतलब XML है)
  • Excel मैक्रो इनेबल्ड फाइल: .xlsm
  • डिफ़ॉल्ट फाइल नाम (Default File Name): जब आप एक्सेल की नई फाइल खोलते हैं, तो इसका नाम अपने आप Book1 या Workbook1 होता है।

2. वर्कबुक और वर्कशीट का बारीक अंतर (Workbook vs Worksheet)

अक्सर परीक्षाओं में इन दोनों शब्दों के बीच का अंतर देकर स्टूडेंट्स को भ्रमित किया जाता है। इसे ध्यान से समझें:

  • वर्कबुक (Workbook): यह एक्सेल की पूरी मुख्य फाइल होती है। सरल शब्दों में कहें तो वर्कबुक एक ‘किताब’ (Book) की तरह है।
  • वर्कशीट (Worksheet / Spreadsheet): यह वर्कबुक के अंदर का एक सिंगल पेज (पन्ना) होता है, जिस पर हम काम करते हैं और टेबल बनाते हैं। अर्थात्, कई सारी वर्कशीट्स के समूह को वर्कबुक कहा जाता है।

💡 स्मार्ट एग्जाम टिप (शीट्स की संख्या का पोस्टमार्टम)

  • MS Excel 2013 या पुराना वर्जन: नई फाइल खोलने पर नीचे डिफ़ॉल्ट रूप से 3 वर्कशीट्स (Sheet1, Sheet2, Sheet3) दिखाई देती थीं।
  • MS Excel 2016 या नया लेटेस्ट वर्जन: अब नई फाइल खोलने पर डिफ़ॉल्ट रूप से केवल 1 वर्कशीट (Sheet1) ही दिखाई देती है। यूजर अपनी जरूरत के अनुसार + बटन दबाकर नई शीट्स जोड़ सकता है।

3. रो, कॉलम और सेल की पूरी कुंडली (Row, Column & Cell)

एक वर्कशीट ग्रिड (Grid) की तरह दिखती है, जो आड़ी और खड़ी लाइनों से मिलकर बनी होती है।

  • कॉलम (Column): स्क्रीन पर ऊपर से नीचे की तरफ जो खड़ी (Vertical) लाइनें होती हैं, उन्हें कॉलम कहते हैं। कॉलम को हमेशा अंग्रेजी के अक्षरों (A, B, C… Z, AA, AB…) से दर्शाया जाता है।
  • रो (Row): स्क्रीन पर बाएं से दाएं की तरफ जो आड़ी (Horizontal) लाइनें होती हैं, उन्हें रो कहते हैं। रो को हमेशा नंबरों (1, 2, 3…) से दर्शाया जाता है।

📊 संख्या का महा-रट्टा बॉक्स (रो और कॉलम की लेटेस्ट गिनती)
यह आरपीएससी और अधीनस्थ बोर्ड परीक्षाओं का सबसे पसंदीदा सवाल है:

  • MS Excel 2007 और उसके बाद के सभी नए वर्जन्स में:
    • कुल रो (Rows) की संख्या = 10,48,576 (दस लाख अड़तालीस हजार पांच सौ छिहत्तर)
    • कुल कॉलम (Columns) की संख्या = 16,384
    • एक्सेल का आखिरी (Last) कॉलम का नाम = XFD
  • पुराने वर्जन्स (Excel 2003) में: 65,536 Rows और 256 Columns (आखिरी कॉलम IV) होते थे।

सेल (Cell) क्या है?

  • परिभाषा: जहाँ एक रो (Row) और एक कॉलम (Column) आपस में एक-दूसरे को काटते हैं, उस चौकोर डिब्बे को Cell (सेल) कहते हैं। यह वर्कशीट की सबसे छोटी क्रियात्मक इकाई (Smallest Unit) है, जिसमें डेटा टाइप किया जाता है।
  • सेल एड्रेस (Cell Address): हर सेल का अपना एक अनूठा पता होता है। सेल एड्रेस लिखते समय पहले हमेशा कॉलम का अक्षर और फिर रो का नंबर लिखा जाता है (जैसे— B5, यानी B कॉलम और 5वीं रो)। (परीक्षा फैक्ट: 5B लिखना बिल्कुल गलत है!)
  • एक्टिव सेल (Active Cell): वर्तमान में आप जिस सेल पर क्लिक करके काम कर रहे होते हैं, उसके चारों तरफ एक गहरा काला या हरा बॉर्डर बन जाता है, उसे ‘एक्टिव सेल’ या Current Cell कहते हैं। स्क्रीन पर इसका एड्रेस ऊपर बाईं तरफ बने Name Box (नेम बॉक्स) में दिखाई देता है।

4. एक्सेल की स्क्रीन के कुछ विशेष भाग (Formula Bar & Zoom)

  • फॉर्मूला बार (Formula Bar): यह नेम बॉक्स के ठीक दाईं तरफ एक लंबी सफेद पट्टी होती है। एक्टिव सेल के अंदर आप जो कुछ भी टाइप करते हैं या जो फॉर्मूला लगाते हैं, वह सब हुबहू इस फॉर्मूला बार में दिखाई देता है। आप यहाँ से डेटा को एडिट भी कर सकते हैं।
  • सेल पॉइंटर / कर्सर: एक्सेल के एक्टिव सेल पर माउस ले जाने पर कर्सर एक मोटे सफेद प्लस (+) के चिन्ह में बदल जाता है।

🔍 डीप कॉन्सेप्ट बॉक्स (एक्सेल की ज़ूम लिमिट)
एमएस वर्ड की तुलना में एक्सेल की ज़ूम लिमिट अलग होती है, जो एग्जाम में फंसाती है:

  • न्यूनतम (Minimum) ज़ूम: 10%
  • अधिकतम (Maximum) ज़ूम: 400% (याद रखें: वर्ड में 500% था, लेकिन एक्सेल में 400% ही मैक्सिमम होता है)
  • डिफ़ॉल्ट (Default) ज़ूम: 100%

5. डेटा अलाइनमेंट और सेल के अंदर का व्यवहार (Data Alignment)

जब हम एक्सेल के सेल में कुछ भी टाइप करते हैं, तो कंप्यूटर डेटा की प्रकृति के अनुसार उसे अपने आप अलाइन (सेट) कर देता है:

  • टेक्स्ट डेटा (Text): अगर आप कोई नाम या अक्षर टाइप करते हैं, तो वह सेल में अपने आप बाईं तरफ (Left Aligned) सेट होता है।
  • नंबर डेटा (Numbers): अगर आप कोई संख्या या गणितीय अंक टाइप करते हैं, तो वह सेल में अपने आप दाईं तरफ (Right Aligned) सेट होता है। (यह सीधा फैक्ट परीक्षा में बहुत बार पूछा गया है)।

6. एक्सेल के जादुई फॉर्मूले और फंक्शन (Formulas & Functions)

एक्सेल में गणितीय गणनाएं करने के लिए फॉर्मूलों का उपयोग किया जाता है। यहाँ से सबसे ज्यादा व्यावहारिक और कूटनीतिक सवाल बनते हैं:

गोल्डन रूल बॉक्स (बराबर का अनिवार्य नियम)
एमएस एक्सेल में कोई भी फॉर्मूला या फंक्शन लिखना शुरू करने से पहले सबसे आगे बराबर का निशान (=) लगाना 100% अनिवार्य है। यदि किसी फॉर्मूले के आगे = नहीं लगा है, तो एक्सेल उसे फॉर्मूला नहीं मानेगा, बल्कि एक साधारण टेक्स्ट मान लेगा।

महत्वपूर्ण फंक्शन्स और उनके काम:

  1. =SUM(रेंज): दी गई सेल्स के सभी नंबरों को आपस में जोड़ने के लिए। (जैसे: =SUM(A1:A5))
  2. =AVERAGE(रेंज): नंबरों का औसत (औसत मान) निकालने के लिए.
  3. =MAX(रेंज): दी गई सेल्स की संख्याओं में से सबसे बड़ी (Maximum) संख्या ढूंढने के लिए.
  4. =MIN(रेंज): दी गई सेल्स में से सबसे छोटी (Minimum) संख्या ढूंढने के लिए.
  5. =COUNT(रेंज): यह केवल उन सेल्स की गिनती करता है जिनमें सिर्फ नंबर (संख्याएं) लिखे हों। यह खाली या टेक्स्ट वाले सेल्स को छोड़ देता है.
  6. =COUNTA(रेंज): (Count All) यह उन सभी सेल्स की गिनती करता है जो खाली नहीं हैं, चाहे उसमें टेक्स्ट लिखा हो, नंबर लिखा हो या कोई सिम्बल हो.

⚠️ एग्जाम क्रैकर पॉइंट (सेल रेंज ऑपरेटर)
एक्सेल में एक सेल से दूसरी सेल तक की पूरी रेंज को दर्शाने के लिए कोलन (:) चिन्ह का उपयोग किया जाता है। इसे Range Operator कहते हैं।

उदाहरण: A1:A5 का मतलब है सेल A1, A2, A3, A4 और A5 तक की सभी सेल्स।


7. एक्सेल के सुपरहिट शॉर्टकट कीज़ का खजाना

सामान्य शॉर्टकट्स (जैसे Ctrl+C, Ctrl+V) के अलावा एक्सेल के कुछ अपने खुद के विशेष शॉर्टकट्स हैं जो सिर्फ एक्सेल में ही काम आते हैं और एग्जाम्स में बार-बार छपते हैं:

🚀 महा-रट्टा बॉक्स (एक्सेल स्पेशल शॉर्टकट कीज़)

  • F2 ➔ एक्टिव सेल के अंदर जाकर डेटा को एडिट (Edit / सुधार) करने के लिए (मोस्ट इम्पॉर्टेंट)।
  • Ctrl + ; (सेमीकोलन) ➔ सेल के अंदर वर्तमान तारीख (Current Date) डालने के लिए।
  • Ctrl + Shift + : (कोलन) ➔ सेल के अंदर वर्तमान समय (Current Time) डालने के लिए।
  • Shift + F11 ➔ वर्कबुक के अंदर एक बिल्कुल नई खाली वर्कशीट (New Sheet) जोड़ने के लिए।
  • Ctrl + Page Down ➔ अगली वर्कशीट (Next Sheet) पर जाने के लिए।
  • Ctrl + Page Up ➔ पिछली वर्कशीट (Previous Sheet) पर जाने के लिए।
  • Ctrl + Arrow Keys ➔ वर्कशीट की सबसे आखिरी रो या आखिरी कॉलम की सीमा पर सीधे जंप करने के लिए।
  • Shift + Spacebar ➔ वर्तमान में सिलेक्टेड पूरी की पूरी रो (Row) को एक साथ सिलेक्ट करने के लिए।
  • Ctrl + Spacebar ➔ वर्तमान में सिलेक्टेड पूरे के पूरे कॉलम (Column) को एक साथ सिलेक्ट करने के लिए।

MS Office (भाग-3): MS PowerPoint का बेसिक से एडवांस लेवल

MS PowerPoint माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट का एक अत्यंत विख्यात प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर (Presentation Software) है। इसका मुख्य उपयोग विचारों, डेटा, प्रोजेक्ट्स और बिजनेस आइडियाज को तस्वीरों, ग्राफिक्स, साउंड, वीडियो और एनीमेशन के ज़रिए सुंदर स्क्रीन स्लाइड्स पर प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।


1. एमएस पावरपॉइंट के बुनियादी टेक्निकल फैक्ट्स

  • मूल नाम और परिभाषा: इसे ‘प्रेजेंटेशन ग्राफ़िक्स प्रोग्राम’ या ‘स्लाइड शो सॉफ्टवेयर’ भी कहा जाता है।
  • रन कमांड (Run Command): कीबोर्ड से Windows + R दबाकर रन बॉक्स खोलें और उसमें powerpnt टाइप करके Enter दबाने पर पावरपॉइंट सीधे चालू हो जाता है। (विशेष ध्यान दें: रन बॉक्स में powerpoint लिखने से यह चालू नहीं होता, केवल powerpnt ही सही है)।

📌 एग्जाम स्पेशल अलर्ट बॉक्स (फाइल एक्सटेंशन और डिफ़ॉल्ट नाम)
परीक्षा में MS PowerPoint की फाइलों के एक्सटेंशन सबसे ज्यादा फंसाते हैं:

  • MS PowerPoint 2003 या पुराना वर्जन: .ppt
  • MS PowerPoint 2007 या नया लेटेस्ट वर्जन: .pptx (यहाँ ‘x’ का मतलब XML है)
  • PowerPoint शो (Direct Show File): .ppsx (इस फाइल पर क्लिक करते ही बिना सॉफ्टवेयर खुले सीधे फुल स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन चालू हो जाता है)
  • डिफ़ॉल्ट फाइल नाम (Default File Name): जब आप पावरपॉइंट की नई फाइल खोलते हैं, तो इसका नाम अपने आप Presentation1 होता है।

2. स्लाइड और हैंडआउट का बारीक अंतर (Slide vs Handout)

जैसे वर्ड में ‘पेज’ होता है और एक्सेल में ‘वर्कशीट’, वैसे ही पावरपॉइंट के सिंगल पेज को Slide (स्लाइड) कहा जाता है।

  • स्लाइड (Slide): यह प्रेजेंटेशन का वह मुख्य पेज है जिस पर टेक्स्ट, फोटो या चार्ट लगाकर दर्शकों को बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाता है।
  • प्लेसहोल्डर (Placeholder): नई स्लाइड खोलने पर जो बिंदीदार (Dotted) चौकोर डिब्बे दिखाई देते हैं, जिनके अंदर लिखा होता है ‘Click to add title’, उन डिब्बों को टेक्निकल भाषा में Placeholder कहा जाता है। इसी के अंदर सारा टेक्स्ट या फोटो आती है।
  • हैंडआउट (Handout): प्रेजेंटेशन देते समय दर्शकों को नोट्स या रेफरेंस के रूप में प्रिंट करके दिए जाने वाले कागजों को Handout कहते हैं। इसमें एक ही पन्ने पर 1, 2, 3, 4, 6 या अधिकतम 9 स्लाइड्स को छोटा-छोटा करके प्रिंट किया जा सकता है।

3. पावरपॉइंट के जादुई व्यूज़ (Presentation Views — मोस्ट डीप टॉपिक)

पावरपॉइंट में स्लाइड्स को अलग-अलग नजरिए से देखने के लिए कई प्रकार के Views होते हैं, जिनसे परीक्षाओं में हमेशा 100% गहरे सवाल पूछे जाते हैं:

  • A. Normal View (नॉर्मल व्यू): यह पावरपॉइंट का डिफ़ॉल्ट व्यू होता है। इसमें स्क्रीन दो भागों में बंटी होती है— बाईं तरफ सारी स्लाइड्स छोटी-छोटी (Thumbnails) दिखती हैं और बीच में मुख्य स्लाइड बड़ी दिखती है जहाँ हम एडिटिंग और टाइपिंग का काम करते हैं।
  • B. Slide Sorter View (स्लाइड सॉर्टर व्यू — एग्जाम का फेवरेट): इस व्यू पर क्लिक करते ही प्रेजेंटेशन की सारी की सारी स्लाइड्स एक ही स्क्रीन पर छोटे-छोटे कार्ड्स (Thumbnails) के रूप में एक साथ दिखाई देने लगती हैं
    • एग्जाम फैक्ट: स्लाइड्स का क्रम बदलने (Re-arrange करने), किसी स्लाइड को डिलीट करने या बीच में नई स्लाइड जोड़ने के लिए यह सबसे बेस्ट व्यू माना जाता है। इस व्यू में स्लाइड के अंदर का टेक्स्ट एडिट नहीं किया जा सकता।
  • C. Notes Page View (नोट्स पेज व्यू): इसमें मुख्य स्लाइड ऊपर छोटी दिखती है और उसके ठीक नीचे एक बड़ा खाली डिब्बा (Notes Area) होता है। यहाँ स्पीकर अपने खुद के समझने के लिए कुछ पॉइंट्स लिख सकता है, जो प्रेजेंटेशन देते समय बड़ी स्क्रीन पर दर्शकों को दिखाई नहीं देते। इन्हें Speaker Notes भी कहते हैं।
  • D. Reading View (रीडिंग व्यू): यह कंप्यूटर की पूरी स्क्रीन पर खुलता है, लेकिन इसमें नीचे टास्कबार और ऊपर टाइटल बार दिखाई देता है, ताकि यूजर आराम से प्रेजेंटेशन को पढ़ सके।

🔍 डीप कॉन्सेप्ट बॉक्स (पावरपॉइंट की ज़ूम लिमिट)
एमएस वर्ड और एक्सेल दोनों की तुलना में पावरपॉइंट की ज़ूम लिमिट एकदम अलग होती है:

  • न्यूनतम (Minimum) ज़ूम: 10%
  • अधिकतम (Maximum) ज़ूम: 400% (याद रखें: वर्ड में 500% होता है, लेकिन एक्सेल और पावरपॉइंट में मैक्सिमम 400% ही होता है)
  • डिफ़ॉल्ट (Default) ज़ूम: 60-70% (यह स्क्रीन साइज के अनुसार फिट होता है)

4. एनीमेशन और ट्रांजिशन का असली अंतर (Animation vs Transition)

अक्सर स्टूडेंट्स इन दोनों शब्दों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन कंप्यूटर साइंस में इन दोनों के पीछे अलग-अलग लॉजिक्स काम करते हैं:

पॉइंटएनीमेशन (Animation)ट्रांजिशन (Transition)
लागू होनायह स्लाइड के अंदर मौजूद किसी ऑब्जेक्ट (जैसे कोई टेक्स्ट, फोटो या चार्ट) पर लगाया जाता है।यह पूरी की पूरी स्लाइड पर लगाया जाता है।
कामजैसे- स्क्रीन पर अक्षर उड़ते हुए आएं, या कोई फोटो घूमती हुई आए।जब एक स्लाइड खत्म होकर दूसरी नई स्लाइड स्क्रीन पर आती है, तो वह किस स्टाइल (जैसे— पर्दे की तरह खुलना, उड़ना) में आएगी।
प्रकारEntrance (आना), Emphasis (चमकना), Exit (जाना), Motion Paths.Fade, Push, Wipe, Split, Fade, Morph आदि.

💡 स्मार्ट एग्जाम टिप (स्लाइड मास्टर – Slide Master क्या है?)
यदि आप चाहते हैं कि आपके प्रेजेंटेशन की सभी 50 स्लाइड्स पर एक जैसा बैकग्राउंड, एक जैसा फॉन्ट स्टाइल और कंपनी का लोगो एक ही बार में लग जाए, तो इसके लिए Slide Master का उपयोग किया जाता है। मास्टर स्लाइड में किया गया कोई भी बदलाव प्रेजेंटेशन की बाकी सभी स्लाइड्स पर अपने आप लागू हो जाता है, जिससे समय की बहुत बचत होती है।


5. स्लाइड शो के धमाकेदार फैक्ट्स (Slide Show Controlling)

जब आपका प्रेजेंटेशन पूरी तरह तैयार हो जाता है, तो दर्शकों को फुल स्क्रीन पर दिखाने के लिए Slide Show चलाया जाता है। इसके शॉर्टकट्स सीधे परीक्षाओं में छपते हैं:

गोल्डन शॉर्टकट बॉक्स (स्लाइड शो का पोस्टमार्टम)

  • F5 ➔ प्रेजेंटेशन को बिल्कुल पहली (First) स्लाइड से शुरू करने के लिए (यूनिवर्सल शॉर्टकट)।
  • Shift + F5 ➔ वर्तमान में खुली हुई करंट स्लाइड (Current Slide) से ही स्लाइड शो को आगे शुरू करने के लिए (मोस्ट इम्पॉर्टेंट)।
  • Esc (Escape) ➔ चलते हुए फुल स्क्रीन स्लाइड शो को बीच में ही रोकने या बंद करने के लिए।
  • Ctrl + P ➔ स्लाइड शो के दौरान स्क्रीन पर लिखने या समझाने के लिए पेन (Pen) चालू करने के लिए।
  • Ctrl + A ➔ पेन को हटाकर वापस माउस का एरो (Arrow) कर्सर लाने के लिए।
  • B बटन दबाना ➔ स्लाइड शो के दौरान स्क्रीन को पूरी तरह ब्लैक (Black) करने के लिए।
  • W बटन दबाना ➔ स्लाइड शो के दौरान स्क्रीन को पूरी तरह व्हाइट (White) करने के लिए।

6. पावरपॉइंट के सुपरहिट शॉर्टकट कीज़ का खजाना

🚀 महा-रट्टा बॉक्स (पावरपॉइंट स्पेशल शॉर्टकट कीज़)

  • Ctrl + M ➔ प्रेजेंटेशन के बीच में एक बिल्कुल नई खाली स्लाइड (New Slide) जोड़ने के लिए (यह परीक्षा का सबसे फेवरेट पॉइंट है, बच्चे न्यू देखकर Ctrl+N लगा देते हैं जो कि गलत है! Ctrl+N से नया प्रेजेंटेशन खुलता है, लेकिन नई स्लाइड Ctrl+M से जुड़ती है)।
  • Ctrl + D ➔ वर्तमान सिलेक्टेड स्लाइड की हूबहू डुप्लीकेट (Duplicate) स्लाइड तैयार करने के लिए।
  • Alt + Shift + Left/Right Arrow ➔ आउटलाइन व्यू में पैराग्राफ को प्रमोट या डिमोट करने के लिए।
  • Ctrl + K ➔ स्लाइड के किसी शब्द पर हाइपरलिंक (वेबसाइट लिंक) जोड़ने के लिए।

MS Office (भाग-4): MS Access का बेसिक से एडवांस लेवल

MS Access माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट का एक अत्यंत शक्तिशाली relational Database Management System (RDBMS) सॉफ्टवेयर है। इसका मुख्य उपयोग बहुत बड़े स्तर के डेटा को आपस में जोड़कर टेबल्स (Tables) के रूप में व्यवस्थित करने, डेटा को ढूँढने (Query), फॉर्म बनाने और रिपोर्ट्स तैयार करने के लिए किया जाता है।


1. एमएस एक्सेस के बुनियादी टेक्निकल फैक्ट्स

  • मूल नाम और परिभाषा: यह एक डेस्कटॉप डेटाबेस सॉफ्टवेयर है जो Microsoft Jet Database Engine के सिद्धांत पर काम करता है।
  • रन कमांड (Run Command): कीबोर्ड से Windows + R दबाकर रन बॉक्स खोलें और उसमें सीधे msaccess टाइप करके Enter दबाने पर MS Access चालू हो जाता है।

📌 एग्जाम स्पेशल अलर्ट बॉक्स (फाइल एक्सटेंशन और डिफ़ॉल्ट नाम)
परीक्षा में MS Access की फाइलों के एक्सटेंशन सबसे ज्यादा फंसाते हैं क्योंकि इसके पुराने और नए वर्जन में बहुत अंतर है:

  • MS Access 2003 या पुराना वर्जन: .mdb (Microsoft DataBase)
  • MS Access 2007 या नया लेटेस्ट वर्जन: .accdb (ACCess DataBase – मोस्ट इम्पॉर्टेंट)
  • डिफ़ॉल्ट फाइल नाम (Default File Name): जब आप एक्सेस की नई फाइल खोलते हैं, तो इसका नाम अपने आप Database1 होता है।

2. एमएस एक्सेस के चार मुख्य स्तम्भ (The Four Core Objects)

एमएस एक्सेस के अंदर सारा काम चार मुख्य कंपोनेंट्स के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनसे सीधे परीक्षाओं में परिभाषाएं पूछी जाती हैं:

  • A. Tables (तालिकाएं — सबसे मुख्य आधार): एक्सेस में सारा का सारा डेटा रो (Row) और कॉलम (Column) के रूप में टेबल्स में स्टोर होता है। इसके बिना डेटाबेस की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
    • टेक्निकल नाम: एक्सेस में कॉलम को Fields (फील्ड्स) और रो को Records (रिकॉर्ड्स) कहा जाता है।
  • B. Queries (क्वेरीज़ — डेटा को छानना): मान लीजिए आपके डेटाबेस में 10 लाख स्टूडेंट्स का डेटा है, और आपको सिर्फ जयपुर के रहने वाले 18 साल के स्टूडेंट्स की लिस्ट देखनी है। तो इस डेटा को छानकर (Filter) बाहर निकालने के लिए हम जो कमांड या सवाल पूछते हैं, उसे Query कहते हैं। इसके लिए SQL (Structured Query Language) का बैकग्राउंड में यूज़ होता है।
  • C. Forms (फॉर्म्स — डेटा एंट्री का जरिया): यूजर के लिए सीधे टेबल में डेटा टाइप करना थोड़ा कठिन और बोरिंग होता है। इसलिए स्क्रीन पर एक सुंदर सा इंटरफेस (जैसे ऑनलाइन फॉर्म) बनाया जाता है, जिसके डिब्बों में नाम-पता टाइप करते ही वह डेटा अपने आप पीछे टेबल में जाकर सेट हो जाता है। उसे Form कहते हैं।
  • D. Reports (रिपोर्ट्स — फाइनल आउटपुट): जब पूरे डेटा या छाने गए डेटा को प्रिंट करने के लिए एक व्यवस्थित और सुंदर लेआउट में तैयार किया जाता है, तो उसे Report कहते हैं। इसे केवल पढ़ा जा सकता है, एडिट नहीं किया जा सकता।

3. कीज़ का जादुई कॉन्सेप्ट (Primary Key vs Foreign Key)

यह इस पूरे टॉपिक का सबसे खूंखार और एडवांस हिस्सा है। बिना इसके एग्जाम का पेपर नहीं बनता।

  • प्राइमरी की (Primary Key): किसी टेबल के उस कॉलम (Field) को प्राइमरी की बनाया जाता है, जिसके अंदर लिखा हुआ डेटा पूरी दुनिया में बिल्कुल यूनिक (अनोखा) हो और वह कभी खाली (Null) नहीं रह सकता।
    • देसी उदाहरण: एक क्लास में दो लड़कों का नाम ‘राहुल’ हो सकता है, लेकिन उन दोनों का Roll Number या Aadhar Card Number हमेशा अलग-अलग होगा। इसलिए रोल नंबर या आधार नंबर ही उस टेबल की Primary Key है।
  • फॉरेन की (Foreign Key): जब दो अलग-अलग टेबल्स को आपस में एक-दूसरे से जोड़ना (Relationship बनाना) हो, तो पहली टेबल की प्राइमरी की को जब दूसरी टेबल के अंदर ले जाकर इस्तेमाल किया जाता है, तो वह दूसरी टेबल में Foreign Key कहलाती है।

💡 स्मार्ट एग्जाम टिप (रिलेशनशिप के प्रकार)
टेबल्स को आपस में जोड़ने के लिए तीन तरह के रिलेशन्स होते हैं:

  1. One-to-One: जैसे एक देश का केवल एक ही राष्ट्रपति हो सकता है.
  2. One-to-Many (सबसे कॉमन): जैसे एक क्लास में एक टीचर कई सारे स्टूडेंट्स को पढ़ा सकता है.
  3. Many-to-Many: जैसे कई सारे ग्राहक कई सारे अलग-अलग प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं.

4. एमएस एक्सेस में डेटा के प्रकार (Data Types in Access)

जब हम टेबल में कोई कॉलम बनाते हैं, तो हमें कंप्यूटर को पहले बताना पड़ता है कि इस कॉलम में किस तरह का डेटा आएगा। इन्हें Data Types कहते हैं:

  • Short Text: इसका पुराना नाम Text था। इसमें अक्षर और नंबर दोनों आ सकते हैं। इसकी अधिकतम लिमिट 255 कैरेक्टर्स की होती है (जैसे- किसी का नाम या पता)।
  • Long Text: इसका पुराना नाम Memo था। अगर आपको बहुत बड़ा पैराग्राफ या रिमार्क लिखना हो, तो इसका यूज़ होता है। इसकी लिमिट 65,535 कैरेक्टर्स तक होती है।
  • Number: इसमें सिर्फ गणितीय संख्याएं आती हैं जिन पर कैलकुलेशन करनी हो.
  • AutoNumber — एग्जाम का फेवरेट: यह एक जादुई डेटा टाइप है। इसमें यूजर को नंबर टाइप नहीं करना पड़ता। जैसे ही आप नई रो (Record) जोड़ेंगे, कंप्यूटर अपने आप 1, 2, 3, 4 सीरीज में नंबर अलॉट करता जाता है। इसे बदला नहीं जा सकता।
  • OLE Object: (Object Linking and Embedding) अगर आपको डेटाबेस के अंदर किसी स्टूडेंट की फोटो (Image), सिग्नेचर, या कोई एक्सेल की फाइल अटैच करनी हो, तो इस डेटा टाइप का उपयोग किया जाता है।

5. एमएस एक्सेस के सुपरहिट वन-लाइनर फैक्ट्स

📊 संख्या का महा-रट्टा बॉक्स (एक्सेस की मुख्य लिमिट्स)

  • किसी भी फील्ड (कॉलम) के नाम में अधिकतम कितने अक्षर हो सकते हैं? ➔ 64 कैरेक्टर्स.
  • टेक्स्ट डेटा टाइप (Short Text) की डिफ़ॉल्ट साइज कितनी होती है? ➔ 50 कैरेक्टर्स (और मैक्सिमम 255).
  • एक्सेस के डेटाबेस की कुल साइज अधिकतम कितनी हो सकती है? ➔ 2 GB (2 गीगाबाइट से बड़ी फाइल एक्सेस सपोर्ट नहीं करता).
  • माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस में ज़ूम करने की डिफ़ॉल्ट लिमिट कितनी होती है? ➔ इसमें ज़ूम स्लाइडर एक्सेल या वर्ड की तरह नहीं होता, यह मुख्य रूप से प्रिंट प्रीव्यू के समय 10% से 400% तक काम करता है।

क्विक हैक बॉक्स (एमएस एक्सेस का फाइनल मलाई मटीरियल)

  • एक्सेस का नया फाइल एक्सटेंशन ➔ .accdb
  • डेटाबेस की सबसे छोटी इकाई जहाँ डेटा टाइप होता है ➔ Cell / Field
  • डेटा को फिल्टर करने या सवाल पूछने वाली तकनीक ➔ Query
  • वह कॉलम जो कभी डुप्लीकेट नहीं हो सकता और खाली नहीं रह सकता ➔ Primary Key
  • फोटो और इमेजेस अटैच करने वाला डेटा टाइप ➔ OLE Object
  • अपने आप बढ़ने वाला नंबर ➔ AutoNumber

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